Main Aur Meri Tanhai

Just another weblog

59 Posts

806 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 8097 postid : 717

हमसफ़र मेरा

  • SocialTwist Tell-a-Friend

बिछड़ा था हमसफ़र मेरा

अप्रैल की गर्मियों में
मिले  न अब तक,
उसके कोई निशान
न आयी उसकी कोई चिट्ठी -खबर !!
.
गर्मियों से बरसात तक
मिले जो राह में पदचिह्न मुझे
उन पदचिह्नों को देख कर
जाने कितनी बार अश्क बहाये
कितनो के आगे रोया
कही देखा है हमसफ़र मेरा !!
.
उम्र के साथ अब ढल रही है नज़रे
और थक रहा है बदन मेरा
मगर मेरी उम्मीद कहती है
मिलेगा एक दिन हमसफ़र तेरा …
.
मेरे मरने से पहले
उससे मिला देना खुदा
या मुझ तक भेज देना सन्देश उसका
कि वो जहाँ है बहुत खुश है
ताकि सुकून से मर सकू मैं !!!!
.
सुमित नैथानी

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (4 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran